‘अलगाववादी नेताओं को गोली मार दो, कश्मीर बन जाएगा फिर से जन्नत’

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कश्मीर के हालात से तो आप सभी वाकिफ है, और इन हालातों को सबसे ज्यादा बनाने का श्रेय अगर किसी को जाता है तो वो है वहां के अलगाववादी नेता। देश में कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को लेकर काफी गुस्सा और नफरत है। हाल ही में भारत आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में भारत पर पाकिस्तान को मिली जीत पर अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूख खुशी मनाते नजर आए। इसके बाद इन देशद्रोहियों को सबक सिखाने की मांग पूरे देश में उठी।

लंदन की सड़को पर न्यूड होकर धूमती ये माॅडल, ना किसी ने पहचाना और ना किसी ने कुछ देखा

आतंकियो से ज्यादा हाथ इन अलगाववादी नेताओं का

 

आज हालात ये है कि ईद जैसे मुबारक मौके पर भी इन नेताओं के भडकाने पर कश्मीरी लोग सेना पर पत्थर फेंक कर जश्न मना रहें है ! जन्नत जैसे कश्मीर को पत्थरबाजों और अलगाववादी नेताओं ने जहन्नूम बनाकर रख दिया है। आज कश्मीर की जो हालात है उसमें आतंकियो से ज्यादा हाथ इन अलगाववादी नेताओं का है। देश की जनता की मांग है कि इन अलगाववादी नेताओं को देशद्रोही मानकर गोली मार देनी चाहिए। इनको गोली मारने के बाद कश्मीर वापस जन्नत बन जाएगा।

मानों या ना मानों, हर लड़के के मन में अपनी प्रेमिका के ‘Butts’ को देखकर आते है यही विचार !!

जिस थाली में खाते है उसी थाली में छेद करने वाले है अलगाववादी

कश्मीर के हालात पर आज हर देशवासी चिंतित है। भारत की खुफिया सूत्रों का कहना है कि कश्मीर के कई अलगाववादी नेताओं के पास टेरर फंडिंग के लिए पैसा आता है। इस बात से ये भी साबित होता है कि ये ऐसे लोग है जो जिस थाली में खाते है उसी थाली में छेद करते है।

किताबों की जगह दे दिया जाता है पत्थर

कश्मीर में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूख, यासीन मलिक, अयाज अकबरोता, अयाज अकबर जैसे अलगाववादी नेताओं के बच्चे तो अच्छी स्कूलों में पढने को जाते है लेकिन जब बात कश्मीरी बच्चों की आती है तो यही गिलानी उन्हें सेना की गुडविल स्कूलों में जाने से रोकते है। बच्चों की शिक्षा की किताब की जगह पत्थर दे दिए जाते है। आखिर ये कब तक चलेगा ? अब वक्त है जब, कश्मीर से इन अलगाववादी नेताओं का सफाया हो ताकि कश्मीर एक बार फिर से स्वर्ग बन सके।

ये कंडोम है मेरी जान… इन 12 कंडोम्स की टैगलाइंस को पढ़कर आप भी निकल जाएंगे इनकी तलाश में !!

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